•  
एमसीए के बारे में
एमसीए का तीन स्तरीय संगठनात्मक ढांचा है:-
  • मुख्यालय, नई दिल्ली
  • क्षेत्रीय निदेशक (आरडी) मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई और नोएडा
  • कंपनियों के रजिस्ट्रार (आरओसी),

राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों में एमसीए मुख्यालय उन मामलों को देखता है जिनमें नागरिक संबंधी कार्यों के लिए भारत सरकार के अनुमोदन की आवश्यकता होती है। आरडी, आरओसी के कार्यों की देखरेख करता है और भारत सरकार द्वारा प्रत्यायित मामलों को देखते हुए जबकि आरओसी कार्यालय नागरिक संबंधी काफी कार्यों को देखते हैं।

देश में कार्यरत विभिन्न उच्च न्यायालयों से सम्बद्ध राजकीय परिसमापक (ओएल) भी एमसीए के समग्र प्रशासनिक नियंत्रण होते हैं। इसके दिल्ली मुख्यालय में भी दो जांच तथा निरीक्षण निदेशक और अनुसंधान तथा सांख्यिकी निदेशक होते हैं।

एमसीए 21 कार्यक्रम
व्यवसायों तथा नागरिकों के लिए सबसे उपयुक्त तरीके से एमसीए सेवाएं की आसान और सुनिश्चित पहुंच हेतु कारपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए), भारत सरकार ने एमसीए 21 कार्यक्रम आरंभ किया है।

कार्यक्रम के लक्ष्यों को, स्टेकहोल्डरों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निम्नानुसार निर्धारित किया गया है:-

  • शीघ्र और आसानी से कंपनी को रजिस्टर करने तथा सांविधिक दस्तावेज फाइल करने में समर्थ व्यवसाय
  • संगत दस्तावेजों तथा प्रभावशाली शिकायत निवारण के लिए जनता की आवाज पहुंच
  • व्यवसायियों को अपनी ग्राहक कंपनियों तथा कारगर सेवा हेतु समर्थ बनाना
  • पंजीकरण तथा सत्यापन चार्ज आसानी से प्राप्त करने के लिए वित्तीय संस्थान
  • संगत कानूनों और कारपोरेट शासन के प्रभावशाली अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी।
एमसीए 21 में कभी भी कहीं भी व्यवसायों को सेवाएं प्रदान करने की परिकल्पना की गयी है। यह देश में आरंभ की गयी प्रथम मिशन मोड गवर्नेंस प्रोजेक्ट होने के कारण एक पायनियरिंग कार्यक्रम है। कार्यक्रम को, सरकारी सेवाओं की निर्माण तथा डिलीवरी में सेवा अभिमुख सम्पर्क की सेवा प्रदान करने, स्वस्थ व्यवसाय इकोसिस्टम स्थापित करने तथा देश को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने के भारत सरकार के दृष्टिकोण पर तैयार किया गया है।

कार्यक्रम का क्षेत्र
एमसीए 21 कार्यक्रम सभी स्टेकहोल्डरों को तीव्रता और निश्चित रूप से, कभी भी और कहीं भी इलेक्ट्रानिक सेवाएं प्रदान करेगा। इसमें निम्नलिखित शामिल होगाः-
  • एप्लीकेशन प्रणाली का डिजाइन और विकास
  • आईटी अवसंरचना की स्थापना
  • डिजिटल हस्ताक्षर/ पीकेआई डिलीवरी तंत्र तथा सम्बद्ध सुरक्षा आवश्यकता स्थापित करना।
  • भौतिक फ्रंट कार्यालयों (पीएफओ) की स्थापना करना
  • व्यस्त समय में आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए अस्थायी एफओ की स्थापना करना और व्यस्त समय के अस्थायी एफओ को बंद करना।
  • नयी प्रणाली के लिए पेपर दस्तावेजों की सम्पत्ति डाटा का स्थानान्तरण तथा डिजिटाइजेशन
  • सर्विस ओरिएटेंड एप्रोच के अनुसार सभी एमसीए 21 स्टेकहोल्डरों को एमसीए सेवाएं प्रदान करना।
  • सभी स्तरों और सभी कार्यालयों (फ्रंट और बैक कार्यालय) में उपयोगकर्ता प्रशिक्षण प्रदान करना।
कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत प्रोएक्टिव प्रवर्तन संबंधी प्रक्रियाओं को स्वचालित करने तथा वैध आवश्यकताओं के अनुपालन हेतु एमसीए 21 की डिजाइन की गयी है। तथापि, ओएल से संबंधित प्रक्रियाएं शामिल नहीं है।

फ्रंट आफिस

फ्रंट आफिसों का कार्यान्वयन दो तरीके से किया जाता है। इन्हें वर्चुअल फ्रंट आफिस (वीएफओ) तथा भौतिक फ्रंट आफिस (पीएफओ) कहा जा सकता है।

वीएफओ वही है जो नागरिक के सामने एमसीए 21 पोर्टल में पहुंचते समय फ्रंट में होता है। पीएफओ मौजूदा आरओसी काउंटरों का स्थापन होगा। पीएफओ पेपर दस्तावेजों को भी स्वीकार करेगा। तथापि, इन्हें उपभोक्ता सेवा एजेंट लगाकर पीएफओ द्वारा इलेक्ट्रानिक दस्तावेज में परिवर्तित किया जाएगा। इन दस्तावेजों पर प्राधिकृत व्यक्तियों को डिजिटली हस्ताक्षर करना होगा। इसके पश्चात दिए गए दस्तावेज के लिए प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता को दस्तावेज पर डिजिटली हस्ताक्षर करने के लिए पीएफओ में व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होने की आवश्यकता होगी।

उपयोगकर्ता एमसीए 21 पोर्टल पर निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध करा सकता है
  • ई-फाइलिंग
  • पब्लिक दस्तावेज देखना
  • प्रमाणित प्रतियों के लिए अनुरोध
  • निवेशक शिकायत दर्ज करना
  • लेनदेन की स्थिति का पता लगाना
बैक आफिस

बैक आफिस वही है जो बैक आफिस पोर्टल तक पहुंचते समय एमसीए कर्मचारियों के सम्मुख होता है। बैक आफिस प्रक्रिया संबंधित है:-
  • दस्तावेजों का गतिशील मार्ग, जिसे सेवा अनुरोध की टाइप के आधार पर एमसीए के भीतर संबंधित अधिकारी को इलेक्ट्रानिक तौर पर फाइल किया गया है।
  • सेवा प्रदान करने में तीव्र और सुनिश्चित सहायता के लिए इलेक्ट्रानिक कार्य प्रणाली।
  • पंजीकरण और अनुमोदन जैसे सभी दैनिक कार्यों को सहायता प्रदान करना।
  • स्टेकहोल्डरों के लिए अभिलेख तक इलेक्ट्रानिक पहुंच के प्रावधान सहित इलेक्ट्रानिक रिकार्डों के भाग के रूप में कंपनियों के सभी अनुमोदित दस्तावेजों का भंडारण।
  • चूककर्ताओं की पहचान बढ़ाना
  • तकनीकी सुरक्षा की कार्यक्षमता बढ़ाना
  • अभियोजनों सहित अनुपालन प्रबंधन से संबंधित मामलों का निकट अनुपालन सुनिश्चित करना।
  • निवेशकों की शिकायतों का शीघ्र उत्तर देना
  • जब निर्धारित अवधि में कार्य नहीं किया जाता है तो सचेत करना।
महत्वपूर्ण लाभ

एमसीए 21 में विभिन्न स्टेकहोल्डरों की आवश्यकता पूरी करने की जरूरत होती है। एमसीए 21 प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण लाभ निम्नलिखित से संबंधित बैक आफिस प्रक्रिया है:-

  • कंपनियों का शीघ्र समामेलन
  • फार्म/ रिटर्न को भरने में सरल और आसान सुविधा
  • बेहतर अनुपालन प्रबंधन
  • ई-गवर्नेंस के माध्यम से कुल पारदर्शिता
  • उपभोक्ता केन्द्रित सम्पर्क
  • फार्मों/ रिटर्न की प्रमाणिकता तथा विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक प्रमाण-पत्र का वृद्धित उपयोग
  • कारपोरेट आपरेटिंग की डाटाबेस रिपाजिटरी का निर्माण
  • वृद्धित सेवा स्तर की पूर्ति
  • कभी भी कहीं भी कंपनियों के सार्वजनिक दस्तावेजों का निरीक्षण
  • कभी भी कहीं भी प्रभारों का पंजीकरण तथा सत्यापन
  • निवेशक शिकायतों का समय पर निवारण
  • निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए एमसीए के कर्मचारियों हेतु अधिक समय की उपलब्धता।